सूरजकुंड व सूर्यनारायण मन्दिर भरनाखुर्द गांव-
भरनाखुर्द गांव आगरा नहर की तलहटी में बसा हुआ है । गांव में ब्रजक्षेत्र का सबसे बड़ा कुंड ‘सूरजकुण्ड’ इसी गांव में स्थित है । आधे से ज्यादा गांव टीले पर बसा हुआ है । गांव में 80%आबादी स्वजनों (सौभरी ब्राह्मण समाज) की है । सौभरि ब्राह्मणों में यहाँ उपगोत्र "तगारे" वाले लोगों की संख्या बहुलता में है । गांव के प्रवेश द्वार के पास बच्चों की शिक्षा के लिए महर्षि सौभरि स्कूल यहाँ शिक्षा का सबसे बड़ा केन्द्र है । 12 गांवों में खेती के हिसाब से यह "धान का कटोरा" के नाम से प्रसिद्ध है । यहाँ चावल की खेती सबसे ज्यादा होती है ।
इस गांव का मेला धुलैंडी के बाद चैत्र कृष्ण द्वितीया को मनाया जाता है । संयोगवश दाउजी का हुरंगा भी द्वितीया को ही मनाया जाता है ।
यह भूमि गोस्वामी कल्याणदेव जी की जन्मस्थली है जिनकी तपस्या से स्वयं ‘ब्रज के राजा कृष्ण के बड़े भ्राता’श्री बलदाऊ जी’ की मूर्ति स्वप्न में दिखी थी और इसके बाद ‘श्री दाऊजी मंदिर(बलदेव)’ का निर्माण कराया । यह स्थान मथुरा से 14KM दूर मथुरा-सादाबाद रोड पर स्थित है । आज उन्ही के प्रभाव से नए गांव’ दाऊजी’ की स्थापना हुई जहाँ उनके वंशज “दाउजी के मंदिर’ के पंडे-पुजारी हैं । यहाँ पर सम्पूर्ण देश-विदेशों से यजमान व दर्शनार्थी ‘रेवती मैया व दाउ बाबा के दर्शन करने आते हैं ।
भरनाखुर्द एक ऐसा तीर्थ स्थल है जहां श्री राधा रानी श्री सूर्य नारायण भगवान की उपासना करती थी इस कारण से भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें सूर्य नारायण के रूप में दर्शन दिए थे उनके मुकुट की छवि आज भी एक शिला के अंदर मौजूद है। जिसका कोई भी व्यक्ति आकर अवलोकन कर सकता है दूसरे बंगाली महात्माओं के कथन अनुसार व श्री मौनी बाबा जो सूर्य नारायण मंदिर के (गौलोकवासी महन्त) के कथनानुसार दानवीर कर्ण ने ,सूर्य नारायण भगवान की भरना खुर्द में ही तपस्या की थी। इसके अलावा भरनाखुर्द ब्रज मंडल की प्रसिद्ध चार सिद्ध पीठों में से एक है ,जहां श्री मधुसूदन दास जी महाराज सिद्ध बाबा का एक मंदिर भी सूर्य कुंड के बराबर में विद्यमान है जिसको सिद्ध बाबा मंदिर के नाम से जाना जाता है ।
सहयोगी- महादेव प्रसाद शर्मा (गुरु जी) मथुरा।
सूरज कुंड व श्री सूर्यनारायण मन्दिर- ब्रज के इस सबसे बड़े सूरज कुंड का जीर्णोद्धार ब्रज की एक संस्था द्वारा किया जा रहा है । सूरजकुण्ड के किनारे पर भगवान श्री सूर्यनारायण जी का मंदिर स्थित है । यह मंदिर बहुत ही भव्य बना हुआ है । मंदिर के अन्दर श्री सूर्यनारायण जी की मूर्ति जिनकी ठोड़ी पर हीरा जड़ा हुआ है,बिराजमान है । सूरजकुण्ड होने की वजह से भरनाखुर्द गांव के निवासी सूर्य की तरह तेज व गर्मजोशी वाले हैं ।
भरनाखुर्द गांव आगरा नहर की तलहटी में बसा हुआ है । गांव में ब्रजक्षेत्र का सबसे बड़ा कुंड ‘सूरजकुण्ड’ इसी गांव में स्थित है । आधे से ज्यादा गांव टीले पर बसा हुआ है । गांव में 80%आबादी स्वजनों (सौभरी ब्राह्मण समाज) की है । सौभरि ब्राह्मणों में यहाँ उपगोत्र "तगारे" वाले लोगों की संख्या बहुलता में है । गांव के प्रवेश द्वार के पास बच्चों की शिक्षा के लिए महर्षि सौभरि स्कूल यहाँ शिक्षा का सबसे बड़ा केन्द्र है । 12 गांवों में खेती के हिसाब से यह "धान का कटोरा" के नाम से प्रसिद्ध है । यहाँ चावल की खेती सबसे ज्यादा होती है ।
इस गांव का मेला धुलैंडी के बाद चैत्र कृष्ण द्वितीया को मनाया जाता है । संयोगवश दाउजी का हुरंगा भी द्वितीया को ही मनाया जाता है ।
यह भूमि गोस्वामी कल्याणदेव जी की जन्मस्थली है जिनकी तपस्या से स्वयं ‘ब्रज के राजा कृष्ण के बड़े भ्राता’श्री बलदाऊ जी’ की मूर्ति स्वप्न में दिखी थी और इसके बाद ‘श्री दाऊजी मंदिर(बलदेव)’ का निर्माण कराया । यह स्थान मथुरा से 14KM दूर मथुरा-सादाबाद रोड पर स्थित है । आज उन्ही के प्रभाव से नए गांव’ दाऊजी’ की स्थापना हुई जहाँ उनके वंशज “दाउजी के मंदिर’ के पंडे-पुजारी हैं । यहाँ पर सम्पूर्ण देश-विदेशों से यजमान व दर्शनार्थी ‘रेवती मैया व दाउ बाबा के दर्शन करने आते हैं ।
भरनाखुर्द एक ऐसा तीर्थ स्थल है जहां श्री राधा रानी श्री सूर्य नारायण भगवान की उपासना करती थी इस कारण से भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें सूर्य नारायण के रूप में दर्शन दिए थे उनके मुकुट की छवि आज भी एक शिला के अंदर मौजूद है। जिसका कोई भी व्यक्ति आकर अवलोकन कर सकता है दूसरे बंगाली महात्माओं के कथन अनुसार व श्री मौनी बाबा जो सूर्य नारायण मंदिर के (गौलोकवासी महन्त) के कथनानुसार दानवीर कर्ण ने ,सूर्य नारायण भगवान की भरना खुर्द में ही तपस्या की थी। इसके अलावा भरनाखुर्द ब्रज मंडल की प्रसिद्ध चार सिद्ध पीठों में से एक है ,जहां श्री मधुसूदन दास जी महाराज सिद्ध बाबा का एक मंदिर भी सूर्य कुंड के बराबर में विद्यमान है जिसको सिद्ध बाबा मंदिर के नाम से जाना जाता है ।
सहयोगी- महादेव प्रसाद शर्मा (गुरु जी) मथुरा।
सूरज कुंड व श्री सूर्यनारायण मन्दिर- ब्रज के इस सबसे बड़े सूरज कुंड का जीर्णोद्धार ब्रज की एक संस्था द्वारा किया जा रहा है । सूरजकुण्ड के किनारे पर भगवान श्री सूर्यनारायण जी का मंदिर स्थित है । यह मंदिर बहुत ही भव्य बना हुआ है । मंदिर के अन्दर श्री सूर्यनारायण जी की मूर्ति जिनकी ठोड़ी पर हीरा जड़ा हुआ है,बिराजमान है । सूरजकुण्ड होने की वजह से भरनाखुर्द गांव के निवासी सूर्य की तरह तेज व गर्मजोशी वाले हैं ।
ओमन सौभरि भुर्रक, भरनाकलां, मथुरा
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